पिछले 13 जून को शिमला में चर्चित रोहतक की मनीषा मित्तल हत्याकांड में मृतका के भाई हिमांक मित्तल मीडिया के सामने आए। अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई दी। साथ ही सभी आरोपों से इंकार किया। हिमांक ने मर्डर में उसका हाथ होने से भी साफ साफ मना किया है।
मनीषा मित्तल ने कोर्ट में उनके खिलाफ दायर किया केस
हिमांक मित्तल ने कहा कि पिता की मौत के बाद संपत्ति के अधिकार को लेकर मनीषा मित्तल ने उनके खिलाफ कोर्ट में केस दायर किया था। उन्होंने दावा किया कि मनीषा स्कूल की संचालिका नहीं थीं, बल्कि स्कूल एक सोसाइटी के अधीन संचालित होता है और वह स्वयं सोसाइटी के प्रधान हैं, जबकि मनीषा केवल एक सदस्य थीं।
13 जून की शाम मनीषा की हुई हत्या
हिमांक ने बताया कि 13 जून की शाम को मनीषा की हत्या हुई थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश पुलिस ने उनसे करीब डेढ़ दिन तक पूछताछ की। पुलिस ने स्कूल स्टाफ, पड़ोसियों से भी जानकारी जुटाई और सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ली। उन्होंने कहा कि पुलिस के सभी सवालों के जवाब उन्होंने दिए हैं।
16 सालों से नहीं हुई कोई बातचीत
उन्होंने कहा कि मनीषा उनकी बहन थी, लेकिन दोनों के बीच पिछले 16 सालों से कोई बातचीत नहीं थी। उसने मेरी जिंदगी नर्क बनाई हुई थी। संपत्ति विवाद को लेकर उनके संबंध खराब थे और कई मुकदमे भी चल रहे थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनीषा की हत्या में उनका कोई हाथ नहीं है और उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।
धमकी देने का तो सवाल ही नहीं उठता
हिमांक मित्तल ने कहा कि मनीषा ने एक वीडियो में उन पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था, लेकिन न तो उनकी उससे कोई मुलाकात होती थी और न ही बातचीत। ऐसे में धमकी देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी।
मनीष से विवाद तो था, ये बात कबूली
उन्होंने बताया कि शिमला स्थित स्कूल को लेकर उनका और मनीषा का विवाद जरूर था, लेकिन इस मामले में कोर्ट और जिला प्रशासन का फैसला उनके पक्ष में आया था। हिमांक ने कहा कि पुलिस के अनुसार दो युवकों ने मनीषा की हत्या की है, जिनमें एक रोहतक के सुनारियां गांव और दूसरा झज्जर के दुजाना गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।
जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, आरोप लगाना उचित नहीं
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि 1 जून को उन पर भी हमला हुआ था और वह अभी तक पूरी तरह स्वस्थ नहीं हुए हैं। उस समय उन्हें भी शक हुआ था कि यह हमला मनीषा ने करवाया होगा, लेकिन अब मनीषा की हत्या के बाद लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं। हिमांक मित्तल ने कहा कि जब तक पुलिस जांच पूरी नहीं हो जाती और इस मामले के मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा।
सुनील कुमार की रिपोर्ट
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